बांग्लादेश की स्थिति सुधारने की जगह बद से बदतर होती जा रही है. यह देश अपना राजनीतिक असंतुलन से झूझ रहा है. जगह-जगह पर अग्नि दहन वी उपद्रव की घटनाएं सामने आ रही हैं शेख हसीना के हाथो से सत्ता जाने के बाद से यहां का माहौल बिल्कुल असंतुलित हो गया है 2025 की अगर हम बात करें तो बांग्लादेश में अपराध अपराध अपनी चरम सीमा पर है इस दौरान अधिकांश महिलाओं और बच्चों को अत्याचार सहना पड़ रहा है जबकि डकैती, मोबलीचिंग  गुंडागर्दी, छीना झपटी जैसी घटनाओं में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है स्थानीय मीडिया के अनुसार उन्होंने कुछ आंकड़ों के हवाले से जानकारी प्रदान की है.

राजनितिक जानकाअनुसार अपराध का बढ़ना कानून-व्यवस्था में हो रही चूक का परिणाम है, सरकार बदलने के बाद मुहम्मद यूनुस की सरकार सामान्य माहौल स्थापित करने में विफल रही है. पुलिस अपराधों के हवाला देते हुए, बांग्लादेश के बांग्ला अखबार ‘बोनिक बार्ता’ के अनुसार 2025 में रेस्क्यू से जुड़े मामलों समेत कुल 1,81,737 केस दर्ज किए गए, जिनमें 2024 की भी कुछ घटनाओं शामिल है. 2024 में साढ़े चार साल की रोजा मणि हत्या मामला सामने आया था जिसके बाद पूरे बांग्लादेश में बहुत ही प्रचंड जुलूस निकाले गए थे. बच्ची की लाश 13 मई 2025 को बिजॉय सरानी ओवरपास के पास तेजकुनीपारा में कूड़े में पड़ी हुई मिली थी, बच्ची ढाका स्थित तेजगांव इलाके से अगवा किओ गई थी. इसके अलावा तक़रीबन 1,000 मामले दर्ज किये गए जिनमे बच्चों से साथ बदसलूकी दर्ज की गयी थी. हाल में कुछ लोगो को जिन्दा जलाने, गोली मारने व् गला रेतकर हत्या करने की घटनाये भी सामने आयी थी.

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